ढाई कड़ी की रामलीला के समाचार और लेख
हिंदू कॉलेज के 125 वें स्थापना दिवस पर आयोजित महोत्सव शृंखला में सोमवार को राजस्थान के पाटोंदा की प्रसिद्ध अन्तर्राष्ट्रीय ढाई कड़ी की रामलीला का मंचन हुआ। रामलीला का आयोजन विभिन्न दृश्यों में किया गया जिसकी शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई।
दिल्ली स्थित हिंदू कॉलेज के 125वें स्थापना दिवस पर आयोजित महोत्सव शृंखला में सोमवार को नगर के समीप स्थित पाटोंदा गावं की प्रसिद्ध अन्तर्राष्ट्रीय ढाई कड़ी की रामलीला का मंचन हुआ। रामलीला के पात्रों ने सोमवार को कॉलेज में मंचन किया।
हिंदू कॉलेज के 125 वें स्थापना दिवस पर आयोजित महोत्सव शृंखला में सोमवार को राजस्थान के पाटोंदा की प्रसिद्ध अन्तर्राष्ट्रीय ढाई कड़ी की रामलीला का मंचन हुआ। रामलीला का आयोजन विभिन्न दृश्यों में किया गया जिसकी शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई।
आज से लगभग 160 वर्ष पूर्व एक दाधिच ब्राम्हण गुरु गणपतलाल जी दाधिच ने इस सांगीतिक रामलीला को प्रारंभ किया था। जिसे उन्होनें वाल्मीकि रामायण व तुलसीकृत रामचरिमानस के आधार पर लिखा था।
आज से लगभग 160 वर्ष पूर्व एक दाधिच ब्राम्हण गुरु गणपतलाल जी दाधिच ने इस सांगीतिक रामलीला को प्रारंभ किया था। जिसे उन्होनें वाल्मीकि रामायण व तुलसीकृत रामचरिमानस के आधार पर लिखा था।
आज से लगभग 160 वर्ष पूर्व एक दाधिच ब्राम्हण गुरु गणपतलाल जी दाधिच ने इस सांगीतिक रामलीला को प्रारंभ किया था। जिसे उन्होनें वाल्मीकि रामायण व तुलसीकृत रामचरिमानस के आधार पर लिखा था।
पाटोन्दा में ढाई कड़ी की रामलीला का मंचन किया जा रहा है । इस अवसर पर भगवान की झांकी सजाई गयी ।
रामलीला में गुरुवार को नृसिंह भगवान की झांकी सजाई गयी। साथ ही केवट द्वारा राम जी गंगा पार करवाना, दशरथजी का राम वियोग में प्राण त्यागना, चित्रकूट में राम-भरत मिलाप आदि का मंचन किया ।
हमारे आराध्य देव भगवन श्री राम के सम्पूर्ण जीवन चरित्र पर आधारित जो जनमानस प्रेम, त्याग, कर्म पथ पर मानव को अग्रसर करने वाली रामलीला का मंचन गाव पाटोन्दा में किया जा रहा है ।
मनोरंजन के ढेरो साधनो के बावजूद हाड़ौती बोली मैं रचित ढाई कड़ी के दोहे की रामलीला की धाक अभी भी देशभर मैं बनी हुई है ।
रामलीला मैं सर्वप्रथम भारत माता की वंदना की जाती है। जिसमे धन धन भारत सोभा धाम, प्रथम जननी के करू प्रणाम.. दोहा बोला जाता है। तुलसीकृत रामायण से हाड़ौती भाषा व डिंगल भाषा का समावेश.....
गाव मैं स्थित श्री लक्ष्मीनाथ जी महाराज के मंदिर पर 15 दिनों से मंचित की जा रही इस रामलीला को देखने आसपास के गांवो से भी कई श्रद्धालु पहुंच रहे है ।
पाटोन्दा गांव मैं लक्ष्मीनाथ जी के प्रांगण मैं बने रंगमंच पर चल रही ख्याति प्राप्त रामलीला मैं शुकरवार को खर दूषण वध और रावण द्वारा सीता का हरण आदि प्रसंगो का मंचन किया
पाटोन्दा गांव मैं लक्ष्मीनाथ जी के प्रांगण मैं बने रंगमंच पर चल रही ख्याति प्राप्त रामलीला मैं शुकरवार को खर दूषण वध और रावण द्वारा सीता का हरण आदि प्रसंगो का मंचन किया